एक समय भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी मानी जाने वाली बायजूस (BYJU’S) आज कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी के सह-संस्थापक और प्रमुख चेहरा बायजू रवींद्रन इन दिनों वित्तीय संकट, कर्मचारियों की छंटनी, निवेशकों के असंतोष और कानूनी विवादों के चलते चर्चा में हैं।
सूत्रों के अनुसार, बायजूस को बीते महीनों में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसके चलते कंपनी ने सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी की है और कई वैश्विक कार्यालयों को बंद करना पड़ा है। वहीं, निवेशकों ने कंपनी के पारदर्शिता के अभाव और वित्तीय रिपोर्टों में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं।
बायजूस पर कॉर्पोरेट गवर्नेंस की अनदेखी और आक्रामक विस्तार नीति के आरोप भी लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर कई देनदारियों का बोझ है, और उसे चालू वर्ष में कुछ महत्त्वपूर्ण ऋणों का पुनर्भुगतान करना है।
हालांकि, बायजू रवींद्रन ने एक आंतरिक ईमेल के ज़रिए भरोसा जताया है कि कंपनी जल्द ही सुधार के रास्ते पर लौटेगी। उन्होंने लिखा, “हमने जो चुनौतियाँ देखी हैं, वे हमारी सीख का हिस्सा हैं। हमारी प्राथमिकता अब स्थिरता और टिकाऊ विकास है।”

कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय भारत के एडटेक सेक्टर के लिए भी निर्णायक है। बायजूस जैसी बड़ी कंपनियों की पारदर्शिता और जवाबदेही आने वाले समय में इस उद्योग की दिशा तय कर सकती है।