अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को “रिसिप्रोकल टैरिफ्स” (पारस्परिक शुल्क) लगाने की योजना की घोषणा की, जिससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में होने वाली इस घोषणा के बाद शुल्क तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट के अनुसार, 3 अप्रैल से ऑटो आयात पर 25% वैश्विक शुल्क भी लागू हो जाएगा। ट्रम्प का दावा है कि यह कदम अन्य देशों द्वारा अमेरिकी सामानों पर लगाए गए उच्च शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं के जवाब में उठाया गया है।
हालांकि, नई टैरिफ संरचना को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प 20% तक का यूनिवर्सल टैरिफ लागू करने पर विचार कर रहे हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का मानना है कि यह दर देश-विशेष पर निर्भर करेगी।
अब तक ट्रम्प ने चीन से सभी आयात पर 20% शुल्क और स्टील व एल्युमिनियम उत्पादों पर 25% शुल्क बहाल कर दिए हैं। इसके साथ ही कनाडा और मैक्सिको से आने वाले कुछ उत्पादों पर फेंटेनाइल-संबंधित शुल्क भी खत्म होने जा रहे हैं।
टैरिफ के “स्टैकिंग” प्रभाव के तहत, मेक्सिको से बनी एक कार पर कुल शुल्क 52.5% तक पहुंच सकता है, जिससे अमेरिकी बाजार में महंगाई बढ़ने की आशंका है।
कनाडा, मैक्सिको और यूरोपीय संघ सहित कई देशों ने अमेरिका के इस कदम का विरोध करते हुए प्रतिशोधात्मक शुल्क लगाने की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैरिफ्स से वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिकी उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान पहुंचेगा।