Ghibli स्टाइल इमेजेस से मची धूम: ChatGPT ने एक घंटे में छूआ एक मिलियन यूज़र्स का आंकड़ा — क्रिएटर राइट्स पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
OpenAI के ChatGPT ने हाल ही में AI इमेज जनरेशन फीचर को फ्री यूज़र्स के लिए रोलआउट किया है, जिसके ज़रिए यूज़र Studio Ghibli जैसे प्रतिष्ठित आर्ट स्टाइल में इमेज बना सकते हैं। लॉन्च के महज एक घंटे में इस फीचर ने एक मिलियन यूज़र्स को आकर्षित कर लिया — जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
हालांकि, इस तकनीकी उन्नति ने क्रिएटिव कम्युनिटी में गहरी चिंता भी पैदा कर दी है। कई आर्टिस्ट्स इसे ‘डिजिटल चोरी’ की नई और खतरनाक शक्ल बता रहे हैं।
आर्टिस्ट्स की प्रतिक्रिया:
अनीता वर्मा, एक स्वतंत्र इलस्ट्रेटर कहती हैं,
“मैंने Ghibli आर्ट स्टाइल को समझने और उसमें काम करने में सालों लगाए हैं। अब AI उसे चंद सेकंड में बना लेता है, बिना किसी श्रेय या अनुमति के। ये हमारी पहचान पर हमला है।”

दुष्यंत राठौर, एक डिजिटल आर्ट क्रिएटर, कहते हैं,
“AI टूल्स तब तक अच्छे हैं जब तक वे मदद करते हैं। लेकिन जब वे हमारी शैली की नकल कर रहे हैं और कंपनियां इसे बिना रेगुलेशन के इस्तेमाल कर रही हैं, तो ये एक सीधा एक्स्प्लॉइटेशन है।”
– इन AI टूल्स को ट्रेन्ड करने के लिए जो डेटासेट्स इस्तेमाल होते हैं, उनमें अक्सर आर्टिस्ट्स का वर्क शामिल होता है — बिना उनकी सहमति के।
– कई क्रिएटर्स को डर है कि इन टूल्स के चलते क्लाइंट्स अब ‘सस्ते’ और ‘तुरंत’ आर्ट को तरजीह देंगे, जिससे असली आर्टिस्ट्स का काम कम होता जाएगा।
– अभी तक दुनिया भर में इसको लेकर स्पष्ट कानूनी नियम नहीं हैं — जिससे आर्टिस्ट्स की सुरक्षा अधर में है।
अब ज़रूरत है:
AI जनरेशन के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस, क्रिएटर्स के लिए कॉपीराइट सुरक्षा, और ट्रांसपेरेंसी कि किसी इमेज को किस स्टाइल या आर्टवर्क से ट्रेन किया गया है।