चीन पर अमेरिका की 104 प्रतिशत टैरिफ कार्रवाई, वैश्विक व्यापार पर भारी असर – कीमतों में बढ़ोतरी और उद्योगों में चिंता

अंतर्राष्ट्रीय कानून

वॉशिंगटन/बीजिंग: अमेरिका ने चीन से आयातित वस्तुओं पर 104 प्रतिशत टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है, जो आधी रात के बाद प्रभाव में आ गया। यह निर्णय ऐसे समय आया है जब अमेरिकी शेयर बाजार लगातार गिरावट के दौर से गुजर रहा है और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में उथल-पुथल मची हुई है।

यह टैरिफ केवल चीन तक सीमित नहीं है। अमेरिका ने जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख साझेदार देशों के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जबकि अन्य देशों पर भी 50 प्रतिशत तक की देश-विशिष्ट टैरिफ दरें लागू की जाएंगी। इसके साथ ही, फार्मास्यूटिकल्स के आयात पर भी भारी शुल्क लगाने की घोषणा की गई है।

वैश्विक असर और मंदी की आशंका

टैरिफ की घोषणा के बाद से अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजार इंडेक्स S&P 500 में भारी गिरावट देखी गई है। केवल चार दिनों में कंपनियों के कुल बाज़ार पूंजीकरण में 5.8 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई है। जापान के निक्केई और अन्य एशियाई बाज़ारों में भी गिरावट की आशंका बढ़ गई है।

चीन की प्रतिक्रिया और आर्थिक संकट

चीन ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “ब्लैकमेल” करार देते हुए इसका विरोध किया है और “अंत तक लड़ने” की चेतावनी दी है। उत्पादन क्षेत्र में दबाव बढ़ने के चलते चीनी कंपनियां अन्य देशों में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की योजना बना रही हैं। सिटी ग्रुप ने चीन की 2025 की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 4.2% कर दिया है।

अमेरिकी उपभोक्ताओं पर बोझ

एक रायटर/इप्सोस सर्वे के अनुसार, हर चार में से तीन अमेरिकी नागरिकों को उम्मीद है कि टैरिफ के प्रभाव से कीमतों में बढ़ोतरी होगी। खुदरा विक्रेताओं ने ऑर्डर स्थगित कर दिए हैं, भर्तियों को टाल दिया है और कंपनियों ने टैरिफ अधिभार लागू करने की घोषणा कर दी है। वियतनाम से आयातित रनिंग शूज़ की कीमतें 155 डॉलर से बढ़कर 220 डॉलर हो जाएंगी।

खरीदारी का उफान

बढ़ती कीमतों की आशंका से अमेरिकी उपभोक्ता आवश्यक वस्तुओं का भंडारण कर रहे हैं। एक ग्राहक ने बताया कि वह हर वस्तु – दालें, आटा, टिनबंद सामान – दोगुनी मात्रा में खरीद रहा है।

वैश्विक तेल और प्रतिक्रिया

वैश्विक तेल की कीमतें स्थिर हो गई हैं लेकिन यह चार वर्षों के निचले स्तर पर पहुंच चुकी हैं। कनाडा और मेक्सिको भले ही इस टैरिफ के नवीनतम दौर से बाहर हैं, परंतु उन्होंने अमेरिका के जवाब में अपने देश में टैरिफ लागू करने की बात कही है।

इस व्यापक टैरिफ नीति ने वैश्विक व्यापार की दशकों पुरानी संरचना को झकझोर कर रख दिया है, जिससे मंदी की आशंका और भी गहराई है। अमेरिका की यह नीति अब केवल एक व्यापारिक रणनीति नहीं, बल्कि एक आर्थिक शक्ति संघर्ष का संकेत बन चुकी है।

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