इज़राइल की आपत्ति पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की अपीलीय पीठ का बड़ा फैसला प्री-ट्रायल चैंबर को पुनर्विचार का आदेश

अंतर्राष्ट्रीय कानून

24 अप्रैल 2025 को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की अपीलीय पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में प्री-ट्रायल चैंबर को निर्देश दिया कि वह इज़राइल द्वारा ICC के क्षेत्राधिकार को चुनौती देने वाले मामले पर पुनर्विचार करे। यह निर्णय नवंबर 2024 में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंटों के संदर्भ में आया है, जिन पर गाज़ा युद्ध के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप हैं।​

  • पृष्ठभूमि: इज़राइल ने ICC के क्षेत्राधिकार को चुनौती देते हुए तर्क दिया था कि वह ICC का सदस्य नहीं है और इसलिए उस पर ICC का अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता। प्री-ट्रायल चैंबर ने पहले इस चुनौती को “समय से पहले” कहकर खारिज कर दिया था।​
  • अपीलीय पीठ का निर्णय: अपीलीय पीठ ने पाया कि प्री-ट्रायल चैंबर ने इज़राइल की आपत्तियों पर पर्याप्त विचार नहीं किया और इसे “कानूनी त्रुटि” माना। इसलिए, अपीलीय पीठ ने प्री-ट्रायल चैंबर के निर्णय को पलटते हुए मामले को पुनः विचार के लिए वापस भेजा। ​
  • गिरफ्तारी वारंटों की स्थिति: हालांकि अपीलीय पीठ ने प्री-ट्रायल चैंबर को पुनर्विचार का आदेश दिया है, लेकिन नेतन्याहू और गैलेंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट अभी भी प्रभावी हैं और उन्हें निलंबित नहीं किया गया है। ​

कानूनी और राजनीतिक प्रभाव

  • इज़राइल का दृष्टिकोण: इज़राइल ने हमेशा से ICC के क्षेत्राधिकार को अस्वीकार किया है, यह कहते हुए कि वह रोम संविधि का पक्षकार नहीं है। हालांकि, ICC ने “फिलिस्तीन राज्य” को अपने सदस्य देशों में स्वीकार किया है, जिससे गाज़ा और वेस्ट बैंक में हुए अपराधों पर ICC का अधिकार क्षेत्र स्थापित होता है। ​
  • भविष्य की प्रक्रिया: प्री-ट्रायल चैंबर को अब इज़राइल की आपत्तियों पर substantive (वस्तुनिष्ठ) रूप से विचार करना होगा। यदि चैंबर यह पाता है कि ICC का इज़राइल पर अधिकार क्षेत्र नहीं है, तो नेतन्याहू और गैलेंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट अमान्य हो सकते हैं। ​
  • राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ICC के पास इज़राइल के नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का कोई अधिकार नहीं है। ICC के अभियोजक कार्यालय ने कहा है कि वे इस निर्णय की समीक्षा कर रहे हैं। ​

यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो इज़राइल और ICC के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर चल रहे विवाद में नई दिशा प्रदान करता है। प्री-ट्रायल चैंबर के आगामी निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि नेतन्याहू और गैलेंट के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट प्रभावी रहेंगे या नहीं।

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