राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अदालतों में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि नहीं की जाती, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है, जबकि न्यायाधीशों की संख्या कम है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अदालतों में बुनियादी ढांचे की कमी है, जिससे मामलों का शीघ्र निपटारा कठिन हो रहा है।

उन्होंने बार एसोसिएशन से सहयोग की अपील की और कहा कि अधिवक्ताओं के समर्थन के बिना लंबित मामलों को कम करना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पेंशनभोगियों के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें शीघ्र न्याय मिल सके।
यह पहल न्यायिक प्रणाली में सुधार और नागरिकों को समय पर न्याय प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।