ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक, 2024 के विरोध में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत, बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से आग्रह किया है कि वे रमज़ान के आख़िरी शुक्रवार (जुमा-तुल-विदा) की नमाज़ के समय अपने दाहिने हाथ पर काला बाज़ूबंद बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करें।
बोर्ड ने यह भी अपील की है कि जो भी व्यक्ति इस विरोध में शामिल हो, वह काले बाज़ूबंद के साथ अपनी तस्वीर या वीडियो बनाकर AIMPLB की ऑनलाइन टीम को भेजे, ताकि अभियान को व्यापक समर्थन मिल सके।
धरनों की योजना और राजनीतिक समर्थन:
AIMPLB द्वारा 26 मार्च को पटना और 29 मार्च को विजयवाड़ा में राज्य विधानसभाओं के सामने धरना प्रदर्शन की घोषणा की गई है। हाल ही में बिहार में हुए विरोध में यह देखा गया कि राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी AIMPLB के साथ एकजुटता व्यक्त की।
पटना में विधान सभा से कुछ ही दूरी पर ‘महा धरना’ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और विधेयक के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई। बोर्ड ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य धर्मनिरपेक्ष नेताओं से अपील की है कि वे इस विवादित विधेयक को समर्थन न दें।
कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता:
AIMPLB की 31-सदस्यीय कार्य समिति ने निर्णय लिया है कि वह इस विधेयक के विरुद्ध कानूनी, संवैधानिक और लोकतांत्रिक उपायों का उपयोग करेगी। बोर्ड का मानना है कि यह विधेयक वक़्फ़ संपत्तियों के अधिकारों को कमजोर करने वाला, असमानतापूर्ण और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।