आज म्यांमार में दो बड़े भूकंपों ने ज़मीन को हिला कर रख दिया। पहला भूकंप 7.7 तीव्रता का और दूसरा 6.4 तीव्रता का था, जो कि रिक्टर स्केल पर काफी गंभीर माने जाते हैं। इन भूकंपों का केंद्र म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र के पास बताया जा रहा है।
भूकंप के कारण म्यांमार के मांडले में स्थित ऐतिहासिक “अवा ब्रिज” ढहकर इरावदी नदी में समा गया। इसके अलावा कई अन्य इमारतों के भी गिरने की खबरें हैं। म्यांमार में व्यापक तबाही की आशंका जताई जा रही है।
भूकंप के झटके लगभग 900 किलोमीटर दूर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक तक महसूस किए गए। डर के मारे लोग घरों से बाहर निकल आए। बैंकॉक की ऊँची इमारतें डगमगाईं, जिनकी छतों पर बने पूलों का पानी बाहर छलकने लगा। कई इमारतों को एहतियातन खाली करवा लिया गया।
बैंकॉक के चाटुचक मार्केट के पास एक निर्माणाधीन ऊंची इमारत भूकंप के बाद गिर गई। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस समय साइट पर कितने मज़दूर मौजूद थे और कितनी जनहानि हुई है।
थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटर्न शिनावात्रा ने इस आपदा को लेकर आपात बैठक बुलाई है। थाईलैंड के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार देश के लगभग सभी क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए।
भारत के कोलकाता और इंफाल में भी इस भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। कोलकाता और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने दीवारों पर टंगी चीजों को हिलते हुए देखा और कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बना रहा।