मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक व्यक्ति ने ब्रिटिश हृदय सर्जन के रूप में प्रस्तुत होकर 15 सर्जरी कीं, जिनमें से सात मरीजों की मौत हो गई। नरेंद्र विक्रमादित्य यादव नामक इस व्यक्ति ने जनवरी से फरवरी के बीच एक निजी मिशन अस्पताल में ये सर्जरी कीं। यादव ने अपने बालों को सुनहरा रंगकर ब्रिटिश सर्जन का रूप धारण किया और लंदन के प्रतिष्ठित अस्पताल से अपनी डिग्री होने का दावा किया। संदेह होने पर मरीजों के परिजनों ने अधिकारियों को सूचित किया, जिसके बाद यादव की असलियत सामने आई।

पुलिस ने यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में मामला दर्ज किया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल, जो सरकारी स्वास्थ्य योजना से जुड़ा था और सार्वजनिक धन प्राप्त कर रहा था, अब जांच के दायरे में है।