संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 2030 पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट

मामले एवं विश्लेषण

संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्वीकृत सतत विकास लक्ष्य 2030 एक वैश्विक कार्ययोजना है जिसका उद्देश्य लोगों, ग्रह और समृद्धि के लिए साझा शांति और प्रगति सुनिश्चित करना है। यह कार्ययोजना कुल 17 लक्ष्यों और 169 उपलक्ष्यों के माध्यम से दुनिया को गरीबी, असमानता, अन्याय और पर्यावरणीय संकटों से मुक्त करने की दिशा में कार्य कर रही है।

इन लक्ष्यों में विशेष महत्व का लक्ष्य है एसडीजी 4, जिसका उद्देश्य सभी के लिए समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और जीवनभर सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना है। इस लक्ष्य के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बालक या बालिका शिक्षा से वंचित न रहे।

संशोधित एजेंडा में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिक्षा केवल एक मानवाधिकार ही नहीं है बल्कि सतत विकास का मूल आधार भी है। यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2015 में इस एजेंडे को सर्वसम्मति से स्वीकार किया। इसमें यह भी कहा गया है कि गरीबी को समाप्त करना, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना, जलवायु परिवर्तन से निपटना और प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन—ये सभी उद्देश्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

एसडीजी 4 के तहत प्रस्तुत मालाला यूसुफ़ज़ई का उदाहरण दर्शाता है कि शिक्षा के अधिकार के लिए संघर्ष कितना महत्वपूर्ण है। बालिकाओं की शिक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर जो चेतना बनी है, वह इस लक्ष्य की महत्ता को दर्शाती है।

दूसरे उदाहरण के रूप में यूनिसेफ द्वारा अफ्रीका के कोटे डीवोयर में प्लास्टिक ईंटों से स्कूल बनाने की पहल को प्रस्तुत किया गया है, जो यह दर्शाता है कि सतत औद्योगीकरण और नवाचार (एसडीजी 9) किस प्रकार शिक्षा (एसडीजी 4) के साथ जुड़कर समस्याओं का समाधान निकाल सकते हैं।

इस एजेंडे के अनुसार मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा, विकास का अधिकार और अंतरराष्ट्रीय विधि के सिद्धांत इस योजना की नींव हैं।

संयुक्त राष्ट्र का यह दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि केवल लक्ष्य निर्धारण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैश्विक साझेदारी, स्थानीय प्रयास और नीति-निर्धारण में पारदर्शिता भी उतनी ही आवश्यक है। इस एजेंडे के माध्यम से यह भी प्रतिज्ञा की गई है कि कोई भी पीछे नहीं छूटेगा।

यह पहल शिक्षा, समानता, समावेशन, नवाचार और जलवायु चेतना जैसे मुद्दों को एक सूत्र में पिरोती है और दुनिया को टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *