कराची में अहमदी व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, टीएलपी समर्थकों ने प्रार्थना स्थल पर बोला धावा

अंतर्राष्ट्रीय कानून

18 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान के कराची शहर के सदर इलाके में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से जुड़े सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अहमदी समुदाय के एक प्रार्थना स्थल पर अचानक हमला कर दिया। इस दौरान 46 वर्षीय व्यवसायी लईक अहमद चीमा, जो पास ही मौजूद थे और प्रदर्शन की वीडियो बना रहे थे, को भीड़ ने पहचान लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि चीमा इसी प्रार्थना स्थल पर 2023 में हुए पिछले हमले के कानूनी गवाह थे और न्याय के लिए अदालत में लड़ रहे थे। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रार्थना स्थल में मौजूद करीब 40 लोगों को भी घेर लिया था, जिन्हें बाद में सुरक्षापूर्वक निकाला गया।

पुलिस का कहना है कि चीमा की हत्या की जांच की जा रही है और यदि परिजन प्राथमिकी दर्ज नहीं कराते, तो राज्य स्वयं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। हालांकि, टीएलपी ने इस हमले में अपनी किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है और इसे “शांतिपूर्ण प्रदर्शन” बताया है। दूसरी ओर, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस घटना को अल्पसंख्यकों के खिलाफ राज्य की चुप्पी और कानून व्यवस्था की विफलता करार दिया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में अहमदी समुदाय को 1974 में संवैधानिक संशोधन के जरिए गैर-मुस्लिम घोषित किया गया था और तब से वे अक्सर कट्टरपंथी संगठनों के हमलों का शिकार होते आए हैं। यह ताज़ा घटना देश में धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गहरे सवाल खड़े करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *