Author: legalnews
इलाहाबाद उच्च न्यायालय
भारतीय उच्च न्यायालय अधिनियम, 1861 के अंतर्गत कलकत्ता, मद्रास और बॉम्बे में उच्च न्यायालयों की स्थापना वर्ष 1862 में की गई थी। इस अधिनियम के माध्यम से इंग्लैंड की महारानी को अन्य उच्च न्यायालयों की स्थापना हेतु लेटर पेटेंट जारी करने का अधिकार प्राप्त हुआ। इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए उत्तर-पश्चिमी प्रांतों के लिए […]
Continue Readingविश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 2025
विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 2025: ‘न्यूरोडाइवर्सिटी और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देना’ विषय पर केंद्रित 2 अप्रैल 2025 को विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस मनाया गया, जिसका विषय था “न्यूरोडाइवर्सिटी और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को बढ़ावा देना”। इस विषय का उद्देश्य न्यूरोडाइवर्सिटी को स्वीकार करते हुए वैश्विक स्थिरता प्रयासों के […]
Continue Readingडिजिटल तकनीक से समावेशी विकास की ओर बड़ा कदम
डिजिटल तकनीक से समावेशी विकास की ओर बड़ा कदम: वर्ल्ड बैंक समूह का ग्लोबल डिजिटल समिट संपन्न “डिजिटल परिवर्तन हमारे समय की सबसे बड़ी संभावनाओं में से एक है जो विकास और समावेशन को गति दे सकता है।” – सांगबू किम, उपाध्यक्ष, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, वर्ल्ड बैंक समूह वर्ल्ड बैंक समूह ने आज वाशिंगटन में दूसरा […]
Continue Reading“तटीय नौवहन विधेयक, 2024: भारत की समुद्री व्यापार प्रणाली में बड़ा बदलाव”
लोकसभा में आज तटीय नौवहन विधेयक, 2024 प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य भारत के तटीय जलक्षेत्रों में व्यापार में संलग्न सभी प्रकार के जहाजों और पोतों को नियामित करना है। यह विधेयक मर्चेंट शिपिंग अधिनियम, 1958 के भाग XIV को रद्द करने का प्रस्ताव करता है, जिससे अब सभी प्रकार के जलयान, चाहे वे स्वचालित […]
Continue ReadingIn Re: Procedure to be Followed in Hearing of Criminal Appeals
(क्रिमिनल रेफरेंस संख्या – 1 / 2024) न्यायालय: इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ पीठ निर्णय दिनांक: 22 जनवरी 2025 आरक्षण दिनांक: 21 अगस्त 2024 मूल अपील से उत्पन्न: Criminal Appeal No. 465 of 1999 (Surendra Prasad Misra & Anr. Vs. State of U.P. & Ors.) न्यायाधीशों की पीठ (Bench Strength): – माननीय न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा – […]
Continue Readingचिंतन योग्य प्रवृत्ति: दोष सिद्ध होने के बाद वकीलों की भूमिका पर प्रश्न उठाना बढ़ता चलन विशेष रिपोर्ट
हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि कुछ मामलों में दोष सिद्ध होने के पश्चात अभियुक्त यह कहते हुए पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं कि उन्हें उनके पूर्व अधिवक्ताओं से अपेक्षित स्तर की सहायता नहीं मिली। यह प्रवृत्ति न्यायिक प्रक्रिया के भीतर एक नवीन और विचारणीय पक्ष के रूप में उभर रही […]
Continue Readingनामांकन शुल्क पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
नामांकन शुल्क पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती – अधिवक्ताओं के प्रवेश को आर्थिक रूप से सुलभ बनाने का मार्ग प्रशस्त सुप्रीम कोर्ट ने गौरव कुमार द्वारा दायर याचिका में एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित करते हुए कहा कि वकीलों के नामांकन के लिए राज्य बार परिषदें अधिनियम में निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं वसूल सकतीं। […]
Continue Readingवरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा पर संपत्ति वापसी: मद्रास हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
“प्रेम और स्नेह ही पर्याप्त शर्त है – देखभाल न हो तो संपत्ति वापसी संभव” मद्रास | न्याय संवाददाता मद्रास उच्च न्यायालय ने एस. माला बनाम जिला मध्यस्थ एवं जिला कलेक्टर, नागपट्टिनम एवं अन्य के मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि वरिष्ठ नागरिक द्वारा भावनात्मक आधार पर संपत्ति का हस्तांतरण, यदि बाद में […]
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