गोपनीय रक्षा दस्तावेज़ और हथियारों की डिज़ाइन लीक:

मामले एवं विश्लेषण

एक साइबर सुरक्षा कंपनी एथेनीयन टेक के विश्लेषण के अनुसार, भारत के रक्षा मंत्रालय के एक पूर्व अधिकारी के डिवाइस से संवेदनशील रक्षा संबंधी डेटा चुराया गया, जिसमें गोपनीय दस्तावेज़, हथियार डिज़ाइन और रणनीतिक साझेदारियों की जानकारी शामिल है।

इस लीक हुए डेटा में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की सूचनाएं सम्मिलित हैं — एक ऐसा संगठन जो अपने कुछ परिसरों में वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को निजी मोबाइल फोन तक ले जाने की अनुमति नहीं देता।

क्या-क्या लीक हुआ?

चोरी हुए दस्तावेजों में एक आधुनिक हथियार की इंजीनियरिंग डिज़ाइन, भारतीय वायुसेना की एक नई इकाई से जुड़ी जानकारियाँ, रक्षा खरीद योजनाएं और भारत की अन्य देशों — जैसे फिनलैंड, ब्राज़ील और अमेरिका — के साथ रक्षा सहयोग के विवरण शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी के हवाई हमले की स्थिति में बचाव योजनाएं भी लीक हुई हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत गंभीर है।

जिम्मेदारी किसने ली?

इस लीक की जिम्मेदारी Babuk Locker 2.0 नामक रैनसमवेयर समूह ने ली है। 10 मार्च 2025 को इस समूह ने दावा किया कि उसने DRDO से करीब 20 टेराबाइट डेटा चुरा लिया है और 753 एमबी नमूना सार्वजनिक किया।

क्या DRDO की प्रणालियाँ हैक हुईं?

DRDO अधिकारियों ने इस लीक से अपने सिस्टम की किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि लीक हुआ डेटा उनके संस्थान से संबंधित नहीं है, लेकिन उन्होंने इस दावे पर विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया।

जांच और प्राथमिक निष्कर्ष

Athenian Tech ने इस साइबर हमले की जांच करते हुए कहा कि लीक हुए अधिकतर दस्तावेज़ पुणीत अग्रवाल नामक व्यक्ति से संबंधित हैं, जो 2019 से 2021 तक रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। दस्तावेज़ों में उनके आधार कार्ड की जानकारी, वित्तीय विवरण और यात्रा दस्तावेज़ भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह डाटा रक्षा मंत्रालय के किसी अधिकारी के व्यक्तिगत डिवाइस से लीक हुआ, न कि DRDO के मुख्य IT सिस्टम से।

संभावित खतरे और आवश्यक सावधानियाँ

रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही यह लीक एक ही सिस्टम से हुआ हो, फिर भी यह घटना भारत की साइबर सुरक्षा प्रणाली की कमज़ोरियों को उजागर करती है। इस प्रकार की घटनाएं देश की रक्षा अवसंरचना के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती हैं।

Athenian Tech की रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि:

– उच्च स्तरीय साइबर सुरक्षा उपाय अपनाए जाएं,

– डेटा तक पहुंच को नियंत्रित और सीमित किया जाए,

– संभावित अंदरूनी खतरों की निगरानी बढ़ाई जाए।

यह घटना भारत के रक्षा तंत्र को आने वाले समय में और अधिक सतर्क और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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