आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय: इतिहास, पुनर्गठन और अमरावती से नई शुरुआत

न्यायिक प्रक्रिया

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी, जब आंध्र राज्य का गठन मद्रास प्रेसीडेंसी से अलग होकर किया गया था। उस समय इसका प्रधान पीठ गुंटूर में स्थित था। वर्ष 1956 में हैदराबाद राज्य और आंध्र राज्य का विलय हुआ और आंध्र प्रदेश राज्य का निर्माण हुआ। इसके बाद उच्च न्यायालय का प्रधान पीठ हैदराबाद में स्थापित किया गया और 11 न्यायाधीशों की पहली टीम के साथ कार्य आरंभ किया गया। माननीय न्यायमूर्ति कोका सुब्बा राव उस समय के पहले मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए।

राज्य का पुनर्गठन और संयुक्त उच्च न्यायालय

वर्ष 2014 में आंध्र प्रदेश राज्य का पुनर्गठन हुआ, जिससे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दो नए राज्य बने। 2 जून 2014 से “हैदराबाद स्थित तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्य के लिए उच्च न्यायालय” के रूप में एक संयुक्त उच्च न्यायालय अस्तित्व में आया। यह व्यवस्था आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 30(1) के अंतर्गत लागू की गई थी।

नया उच्च न्यायालय अमरावती में स्थापना

भारत सरकार के आदेश दिनांक 26 दिसंबर 2018 के अनुसार, संयुक्त उच्च न्यायालय का विभाजन कर दो स्वतंत्र उच्च न्यायालयों का गठन किया गया – तेलंगाना राज्य के लिए उच्च न्यायालय और आंध्र प्रदेश के लिए उच्च न्यायालय। दोनों ने 1 जनवरी 2019 से कार्य आरंभ किया। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का प्रधान पीठ अमरावती में स्थापित किया गया।

14 माननीय न्यायाधीशों की टीम के साथ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने कार्य शुरू किया, जिसमें माननीय श्री न्यायमूर्ति सी. प्रवीण कुमार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए।

न्यायिक परिसर का उद्घाटन

अमरावती के नेलापाडु में स्थित अंतरिम न्यायिक परिसर का उद्घाटन 3 फरवरी 2019 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने किया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति एन.वी. रमणा, न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी (सभी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश), तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू, न्यायमूर्ति टी.बी. राधाकृष्णन, न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन तथा अन्य उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश, पूर्व न्यायाधीशगण एवं विधिक क्षेत्र की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।

18 मार्च 2019 से न्यायिक कार्य शुरू

18 मार्च 2019 से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने अमरावती के नेलापाडु स्थित अंतरिम न्यायिक परिसर से अपनी न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों की शुरुआत की। यह परिसर वर्तमान में उच्च न्यायालय का संचालन केंद्र है।

Source: https://ecommitteesci.gov.in/division/aphc/

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