हिंदी सिनेमा जगत में ‘भारत कुमार’ के नाम से प्रसिद्ध दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अपने अभिनय कौशल और देशभक्ति पर आधारित फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले मनोज कुमार ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में एक अमिट छाप छोड़ी।
मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था, लेकिन उन्होंने फिल्मों में आने के बाद ‘मनोज कुमार’ नाम अपनाया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1957 में फिल्म फैशन से की, लेकिन उन्हें असली पहचान 1965 की सुपरहिट फिल्म शहीद से मिली, जिसमें उन्होंने भगत सिंह की भूमिका निभाई थी।
इसके बाद उन्होंने पूरब और पश्चिम, उपकार, क्रांति, रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई यादगार फिल्मों में न केवल अभिनय किया बल्कि निर्देशन और पटकथा लेखन में भी अपना योगदान दिया। देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत उनकी फिल्मों ने उन्हें ‘भारत कुमार’ की उपाधि दिलाई।
उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। कई फिल्मी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है और उनके योगदान को याद किया है।
मनोज कुमार को उनके जीवनकाल में अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिनमें पद्म श्री (1992) और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (2015) प्रमुख हैं।
उनका जाना भारतीय सिनेमा के एक युग के अंत जैसा है। वे हमेशा अपने कार्यों और देशभक्ति के जज़्बे के लिए याद किए जाते रहेंगे।