कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ के खिलाफ सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश राकेश कुमार द्वारा दायर शिकायत को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को उचित कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया है।
न्यायमूर्ति राकेश कुमार, जो पहले पटना उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे और बाद में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय से 31 दिसंबर 2020 को सेवानिवृत्त हुए, ने 8 नवंबर 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक शिकायत पत्र भेजा था। इसमें उन्होंने पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर पद का दुरुपयोग करने और सुप्रीम कोर्ट की ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान 1 जुलाई 2023 को दो अलग-अलग पीठों का गठन कर सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका की सुनवाई कराने का आरोप लगाया।
न्यायमूर्ति कुमार ने अपने पत्र में कहा कि यह कार्यवाही न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इससे एक गंभीर अपराध की आरोपी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सीबीआई जांच की अनुमति दी जाए।
कानून मंत्रालय ने इस शिकायत को 5 मार्च 2025 को DoPT को “उचित कार्रवाई” के लिए भेजा, जिसे पहले 6 फरवरी 2025 को गृह मंत्रालय के माध्यम से प्राप्त किया गया था।
यह मामला न्यायपालिका की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण है, और अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।