9 अप्रैल 2025
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता को न्यायालय कक्ष में अनुचित आचरण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने यह कदम उस स्थिति में उठाया जब अधिवक्ता ने न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अनुशासनहीनता दिखाई, जिसे न्यायालय ने गंभीरता से लिया।
न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वकीलों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायिक गरिमा और पेशेवर मर्यादा का पालन करें। वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा अपनाया गया व्यवहार न केवल न्यायालय की गरिमा के विरुद्ध था, बल्कि यह न्याय प्रशासन में बाधा डालने जैसा प्रतीत होता है।

न्यायालय ने अधिवक्ता को एक निर्धारित अवधि के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। न्यायालय ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो आगे की कड़ी कार्यवाही की जा सकती है।
यह मामला न्यायपालिका की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करता है। न्यायालय के इस कदम को वकीलों की आचरण संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक कठोर संदेश के रूप में देखा जा रहा है।