भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया घटनाक्रमों ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव की स्थिति उत्पन्न कर दी है। भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को समाप्त कर दिया है, जिससे बांग्लादेश के निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही, बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी भारत ने चिंता व्यक्त की है।
भारत ने 8 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को समाप्त कर दिया। यह सुविधा 2020 में शुरू की गई थी, जिसके तहत बांग्लादेश अपने निर्यात माल को भारत के भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों के माध्यम से तीसरे देशों को भेज सकता था। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस निर्णय के पीछे अपने हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर भीड़भाड़ और लॉजिस्टिक्स में देरी को कारण बताया है।
बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय, पर हो रहे हमलों को लेकर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकॉक में BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की और इस मुद्दे को उठाया। भारत ने बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इन घटनाओं से स्पष्ट है कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव बढ़ रहा है। भारत ने बांग्लादेश को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। बांग्लादेश को चाहिए कि वह भारत की चिंताओं को गंभीरता से ले और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए।
भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों को चाहिए कि वे आपसी विश्वास और सहयोग के साथ आगे बढ़ें, ताकि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास सुनिश्चित किया जा सके।