गैंगस्टर गोल्डी बराड़, जो मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है, ने पहली बार खुलकर इस हत्या पर टिप्पणी करते हुए इसे एक ‘समझदारी भरा फैसला’ बताया है। हाल ही में जारी एक इंटरव्यू में, बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए कहा कि मूसेवाला ने “ऐसी गलतियाँ कीं जिन्हें माफ़ नहीं किया जा सकता था।”
गोल्डी बराड़ का दावा:
“मैंने वही किया जो मुझे करना पड़ा,” — इंटरव्यू में यह शब्द गोल्डी बराड़ के थे। उसने कहा कि मूसेवाला को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने उसकी अनदेखी की और दुश्मनी की सारी सीमाएं लांघ दीं। इस इंटरव्यू में उसने यह भी कहा कि उसके पास कोई विकल्प नहीं था — या तो “हम या वो”।
29 मई 2022 को मानसा, पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हमला उस समय हुआ जब मूसेवाला अपनी थार गाड़ी में जा रहे थे और सरकारी सुरक्षा वापस लिए जाने के कुछ ही घंटे बाद यह कांड हुआ। बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर इस पूरी साजिश का आरोप है।
इंटरव्यू का प्रभाव:
यह इंटरव्यू बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘The Killing Call: The Murder of Sidhu Moosewala’ का हिस्सा है, जिसे मूसेवाला की पुण्यतिथि के आसपास प्रसारित किया गया। इसमें बराड़ की बिना पछतावे वाली स्वीकारोक्ति ने न केवल जनता को, बल्कि प्रशासन को भी झकझोर दिया है।
परिवार की प्रतिक्रिया:
मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने डॉक्यूमेंट्री की निंदा करते हुए इसे पीड़ित परिवार के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया और इसकी स्ट्रीमिंग रोकने के लिए कानूनी कार्यवाही की बात कही है।
प्रशासन की असहायता पर सवाल:
इस घटनाक्रम से यह सवाल उठता है कि जब एक वांछित अपराधी विदेशी धरती से खुलेआम इंटरव्यू दे सकता है, तब हमारी कानूनी और पुलिसीय व्यवस्था कितनी प्रभावशाली रह गई है? क्या मीडिया को ऐसे प्लेटफॉर्म पर इन अपराधियों को स्थान देना चाहिए?
गोल्डी बराड़ जैसे अपराधियों का खुलेआम अपनी हरकतों को उचित ठहराना इस बात का संकेत है कि अपराध अब केवल बंदूक और खून का खेल नहीं, बल्कि एक ‘नैरेटिव’ की लड़ाई भी बन चुका है। जबकि परिवार न्याय की तलाश में है, अपराधी खुले आम इंटरव्यू दे रहे हैं।