एमनेस्टी इंटरनेशनल की 25 अप्रैल 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच सऊदी अरब में कम से कम 88 लोगों को फांसी दी गई, जिनमें से 52 को ड्रग से संबंधित अपराधों के लिए दंडित किया गया। इस तेज़ वृद्धि ने मानवाधिकार संगठनों और मृत्युदंड के विरोधियों के बीच गहरी चिंता पैदा की है।
परिवारों की चिंता और न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने बताया कि कई मामलों में दोषियों के परिवारों को फांसी से पहले सूचित नहीं किया गया, जिससे उन्हें अपने प्रियजनों से अंतिम बार मिलने का अवसर नहीं मिला। इसके अलावा, कुछ मामलों में आरोप है कि दोषियों से जबरन स्वीकारोक्ति ली गई, जो निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों का उल्लंघन है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मानवाधिकार संगठनों की अपील
मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी अरब से अपील की है कि वह मृत्युदंड के उपयोग पर पुनर्विचार करे, विशेष रूप से उन मामलों में जहां निष्पक्ष सुनवाई और उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आग्रह किया है कि वे सऊदी अरब पर मानवाधिकारों के सम्मान और न्यायिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बनाएं।

सऊदी अरब में ड्रग अपराधों के लिए फांसी की संख्या में हालिया वृद्धि ने मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। यह आवश्यक है कि सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय समुदाय मिलकर यह सुनिश्चित करें कि सभी न्यायिक प्रक्रियाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और मानवाधिकारों के सम्मान के साथ संचालित हों।