CIRP में अनुचित हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी Insolvency and Bankruptcy Code की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप अनुचित

उच्चतम न्यायालय ने Mohammed Enterprises Tanzania Ltd. बनाम Farooq Ali Khan and Others, [2025] 1 S.C.R. 177 के मामले में Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 की धारा 60(5)(c) की व्याख्या करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस प्रकरण में उच्च न्यायालय द्वारा कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया गया था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने […]

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सेबी बोर्ड बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों को मंजूरी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अपनी हालिया बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए खुलासे की वर्तमान सीमा 25,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये कर दी गई है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि सेबी ने पाया कि शेयर बाजार में व्यापार की […]

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आरबीआई ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण निर्देशों में संशोधन किया

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण – लक्ष्य और वर्गीकरण निर्देश, 2025 जारी किए हैं, जो सितंबर 2020 में जारी निर्देशों का स्थान लेंगे। इन नए निर्देशों का उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में पर्याप्त ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना है। प्रमुख बदलावों में शहरी सहकारी बैंकों के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण […]

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ब्रेकिंग हेडलाइन: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला – 2 लाख से अधिक नकद लेन-देन वाले संपत्ति मामलों की जानकारी अब अनिवार्य रूप से आयकर विभाग को भेजी जाएगी

मामला: The Correspondence, RBANMS Educational Institution बनाम बी. गुणशेखर एवं अन्यनिर्णय तिथि: 16 अप्रैल 2025पीठ: न्यायमूर्ति जे.बी. पारडीवाला एवं न्यायमूर्ति आर. महादेवन सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी दीवानी मुकदमे में ₹2 लाख या उससे अधिक की राशि नकद रूप में दिए जाने का दावा किया […]

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सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी को केरल हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की सिफारिश की

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सिक्किम उच्च न्यायालय ने महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश नीति लागू की

सिक्किम उच्च न्यायालय ने एक प्रगतिशील कदम उठाते हुए महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान विशेष अवकाश देने की व्यवस्था लागू की है। यह निर्णय भारत के किसी भी उच्च न्यायालय द्वारा पहली बार लिया गया है, जो कार्यस्थल पर महिलाओं की स्वास्थ्य जरूरतों को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना […]

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राजस्थान हाईकोर्ट में मामलों की बढ़ती लंबित संख्या पर मुख्य न्यायाधीश ने जताई गंभीर चिंता

राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने अदालतों में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जब तक न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि नहीं की जाती, तब तक इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। ​ मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है, […]

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पटना हाईकोर्ट का निर्णय: बिहार में फार्मासिस्ट बनने के लिए D.Pharm न्यूनतम योग्यता बनी रहेगी​

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि बिहार में फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharm) न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बनी रहेगी। यह फैसला उन याचिकाओं के संदर्भ में आया है, जिनमें फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) द्वारा निर्धारित मानकों को चुनौती दी गई थी।​ […]

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केरल मदरसा शिक्षक को 187 वर्षों की सजा: विशेष POCSO अदालत का ऐतिहासिक निर्णय

केरल के कन्नूर जिले में एक मदरसा शिक्षक को नाबालिग छात्रा के साथ बार-बार यौन शोषण के मामले में कुल 187 वर्षों की सजा सुनाई गई है। यह फैसला 9 अप्रैल 2025 को तलिपरंबा स्थित विशेष POCSO अदालत ने सुनाया, जो राज्य में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में सबसे कठोर सजा में से एक […]

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गुजरात हाईकोर्ट का निर्णय: सरकारी कर्मचारी की दोनों विधवाओं को समान रूप से पेंशन का अधिकार

गुजरात उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति से पहले एक से अधिक विवाह करता है, तो उसकी मृत्यु के बाद पारिवारिक पेंशन दोनों विधवाओं के बीच समान रूप से वितरित की जानी चाहिए।​ यह मामला एक सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसकी दो विधवाओं […]

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