अमेरिका द्वारा वैश्विक टैरिफ लगाए जाने पर यूरोपीय आयोग की तीखी प्रतिक्रिया: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने जताई गहरी चिंता

अंतर्राष्ट्रीय कानून

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संपूर्ण विश्व, जिसमें यूरोपीय संघ भी शामिल है, पर सार्वभौमिक टैरिफ लागू करने की घोषणा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दिया है। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस कदम को “खेदजनक” करार देते हुए इसके गंभीर प्रभावों के प्रति आगाह किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के टैरिफ से वैश्विक व्यापार तंत्र में भारी अस्थिरता आएगी, जिससे संरक्षणवाद को और बढ़ावा मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा—खाद्य पदार्थों से लेकर दवाइयों और परिवहन तक की लागत बढ़ेगी और महंगाई में तेज़ इज़ाफा होगा। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर देशों की स्थिति पर चिंता जताई जो अब अमेरिका के उच्च टैरिफ से प्रभावित होंगे।

राष्ट्रपति वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ये टैरिफ न केवल आम नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ाएंगे, बल्कि छोटे-बड़े सभी व्यापारिक संस्थानों को शुरुआत से ही अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में बाधा और प्रशासनिक बोझ का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के इस निर्णय में कोई स्पष्ट दिशा नहीं दिखती—यह अव्यवस्था में लिया गया फैसला प्रतीत होता है।

उन्होंने अमेरिका और यूरोप के बीच पिछले 80 वर्षों के व्यापारिक संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि इस साझेदारी ने करोड़ों लोगों को रोजगार और बेहतर उपभोक्ता विकल्प प्रदान किए हैं। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि वर्तमान वैश्विक व्यापार प्रणाली में खामियां हैं और अन्य देश मौजूदा नियमों का अनुचित लाभ उठा रहे हैं, परंतु उन्होंने यह भी दोहराया कि केवल टैरिफ का सहारा लेना इस समस्या का समाधान नहीं है।

यूरोपीय आयोग की ओर से पहले ही इस नीति के जवाब में इस्पात उत्पादों पर प्रतिरोधात्मक उपायों की पहली सूची तैयार की जा चुकी है और अब और कड़े कदमों की तैयारी की जा रही है, जिससे यूरोप के हितों और उद्योगों की रक्षा की जा सके। वॉन डेर लेयेन ने साफ कहा कि यूरोप डंपिंग और वैश्विक अधिशेष उत्पादन को अपने बाजार में स्वीकार नहीं करेगा।

अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने यूरोपीय नागरिकों को एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि यूरोप के पास सबसे बड़ा एकीकृत बाज़ार है, जो इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षा कवच का कार्य करेगा। इस्पात, ऑटोमोबाइल और फार्मा सेक्टर को समर्थन देने के लिए नई रणनीतिक बातचीत की घोषणा भी की गई है।

उन्होंने अमेरिका को वार्ता का प्रस्ताव देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि “हम टकराव नहीं, संवाद चाहते हैं।”

इस वक्तव्य ने वैश्विक स्तर पर यह संकेत दिया है कि यूरोप अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

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