भारत सरकार ने “Energy Statistics India 2025” प्रकाशन जारी किया

विधि विशेष

भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा “Energy Statistics India 2025” नामक वार्षिक प्रकाशन का विमोचन किया गया है। यह प्रकाशन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट [www.mospi.gov.in](https://www.mospi.gov.in) पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

यह दस्तावेज़ भारत में ऊर्जा संसाधनों की स्थिति पर आधारित एक समग्र एवं अद्यतन रिपोर्ट है, जिसमें कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, लिग्नाइट, और अक्षय ऊर्जा जैसे सभी प्रमुख स्रोतों की भंडारण क्षमता, उत्पादन, खपत, एवं आयात-निर्यात से संबंधित आंकड़े एकीकृत रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।

प्रकाशन की मुख्य विशेषताएँ:

– ऊर्जा लेखांकन का नया अध्याय: 

  इस संस्करण में पहली बार पर्यावरण आर्थिक लेखांकन प्रणाली (SEEA) 2012 के अनुसार “Energy Account” नामक अध्याय जोड़ा गया है। इसमें FY 2022-23 एवं FY 2023-24 के लिए Asset Account और Physical Supply & Use Table सम्मिलित हैं।

ऊर्जा आपूर्ति में 7.8% की वृद्धि: 

  भारत की कुल प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति (TPES) FY 2023-24 में 9,03,158 KToE रही, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 7.8% अधिक है।

अक्षय ऊर्जा में उच्च संभाव्यता: 

  देश में 21,09,655 मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन की संभाव्यता है, जिसमें पवन ऊर्जा (55%), सौर ऊर्जा, तथा बड़ी जल विद्युत परियोजनाएँ शामिल हैं। 

  राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, एवं कर्नाटक राज्यों में यह क्षमता सर्वाधिक है।

स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि: 

  FY 2015 में 81,593 मेगावाट की तुलना में FY 2024 में 1,98,213 मेगावाट स्थापित क्षमता रही है, जो 10.36% CAGR को दर्शाता है।

उत्पन्न विद्युत मात्रा में वृद्धि: 

  FY 2014-15 में 2,05,608 GWH से बढ़कर FY 2023-24 में 3,70,320 GWH बिजली उत्पादन दर्ज किया गया है (CAGR = 6.76%)।

प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत में सुधार: 

  प्रति व्यक्ति खपत 14,682 मेगा जूल (FY 2014-15) से बढ़कर 18,410 मेगा जूल (FY 2023-24) तक पहुँची है।

ट्रांसमिशन-डिस्ट्रीब्यूशन हानियों में कमी: 

  FY 2014-15 में 23% के स्तर से घटकर FY 2023-24 में यह हानि 17% तक सीमित हो गई है।

उद्योग क्षेत्र में सर्वाधिक खपत: 

  FY 2023-24 में उद्योग क्षेत्र की ऊर्जा खपत 3,11,822 KToE रही, जो FY 2014-15 के 2,42,418 KToE से कहीं अधिक है। साथ ही अन्य क्षेत्रों जैसे आवासीय, कृषि, वाणिज्यिक सेवाएँ आदि में भी सतत वृद्धि देखी गई।

विश्लेषण 

यह रिपोर्ट “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में ऊर्जा क्षेत्र की प्रगति का दर्पण प्रस्तुत करती है। यह न केवल नीति निर्धारकों बल्कि उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करती है।

Source:

प्रकाशन तिथि: 29 मार्च 2025 

नई दिल्ली | PIB दिल्ली

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