केंद्र सरकार ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तीन संशोधित केंद्रीय क्षेत्रीय योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य डेयरी अवसंरचना को आधुनिक बनाना, पशुधन क्षेत्र में वृद्धि को बढ़ावा देना और पशुओं में बीमारियों की रोकथाम करना है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन को 2021-26 की अवधि के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि के साथ मंजूरी दी गई है। इस मिशन का उद्देश्य देशी गोवंशीय नस्लों का संरक्षण, नस्लीय सुधार और दूध उत्पादन में वृद्धि करना है। संशोधित योजना में दो नए प्रावधान जोड़े गए हैं—(i) पालन केंद्रों की स्थापना के लिए पूंजी लागत का 35% एकमुश्त सहायता, और (ii) उच्च उत्पादक नस्लों की खरीद के लिए किसानों को ऋण पर 3% ब्याज सहायता। इस प्रकार कुल आवंटन 3,400 करोड़ रुपये हो गया है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम के तहत दूध संग्रहण, प्रसंस्करण और गुणवत्ता नियंत्रण से संबंधित ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। यह आवंटन 2021-22 से 2025-26 तक की अवधि के लिए होगा।

पशु स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत टीकाकरण, निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें एक नई घटक ‘पशु औषधि’ को शामिल किया गया है ताकि पशुओं की देखभाल और रोग उपचार प्रणाली को और अधिक मजबूत किया जा सके।