CHANDRA SHEKHAR SINGH AND OTHERS बनाम THE STATE OF JHARKHAND AND OTHERS
SCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 129
निर्णय दिनांक: 20 मार्च 2025
न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति संदीप मेहता
प्रकरण प्रकार: सिविल अपील /10389/2024
निर्णय: अपील स्वीकृत
न्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 372
मुख्य बिंदु (हेडनोट):
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 – धाराएँ 37, 91 – खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियम, 2011 – 2022 संशोधन – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 – धारा 22(3) –
FSO (Food Safety Officer) पद हेतु चयन – अपीलकर्ताओं को अयोग्य ठहरा दिया गया कि उनकी स्नातकोत्तर डिग्रियाँ विज्ञापन में वर्णित योग्यता के अनुरूप नहीं हैं, क्योंकि उसमें केवल स्नातक स्तर की डिग्री की बात की गई थी – उच्च न्यायालय ने अयोग्यता को सही ठहराया।
निर्णय:
FSS 2011 Rules के नियम 2.1.3 के अंतर्गत उल्लिखित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री रखने वाले अपीलकर्ता पद हेतु पूर्णतः योग्य हैं।
UGC अधिनियम, 1956 की धारा 22(3) के अनुसार “डिग्री” में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट डिग्री तीनों सम्मिलित हैं, जब तक कि किसी विशेष अपवाद का उल्लेख न किया गया हो। अतः जहां भी “डिग्री” शब्द प्रयुक्त हुआ है, वह उपरोक्त तीनों को सम्मिलित करता है।
FSS 2011 Rules या संबंधित विज्ञापन में ऐसा कोई स्पष्ट अपवाद नहीं है जो Chemistry को छोड़कर अन्य विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री को अयोग्य ठहराता हो। Chemistry के लिए विशेष रूप से Master’s degree को न्यूनतम योग्यता बताया गया है, परंतु अन्य विषयों के लिए स्नातक या स्नातकोत्तर दोनों डिग्रियाँ वैध मानी जाएंगी।
इसलिए, उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार की गई।
[अनुच्छेद 29, 31, 32, 34, 35]
धाराएँ 37, 91, 94 – केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की शक्तियों की सीमा – चर्चा की गई।