Category: विधिक समाचार
विवाह के झूठे वादे का आरोप अस्वीकार: सुप्रीम कोर्ट ने प्रेम संबंध मानते हुए प्राथमिकी रद्द की
Rajnish Singh @ Soni v. State of U.P. and Another[2025] 3 S.C.R. 303 सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि यदि कोई शिक्षित बालिग महिला वर्षों तक सहमति से संबंध बनाए रखती है, तो बाद में विवाह के झूठे वादे के आधार पर लगाए गए बलात्कार जैसे गंभीर आरोपों को स्वतः स्वीकार […]
Continue Readingसुप्रीम कोर्ट का हालिया ऐतिहासिक निर्णय जिसने संविधान के अनुच्छेद 31C और अनुच्छेद 39(b) की व्याख्या को एक नई दिशा दी
[2024] 11 S.C.R. 1 : 2024 INSC 835 Property Owners Association & Ors. v. State of Maharashtra & Ors. (Civil Appeal No. 1012 of 2002) 05 November 2024 पहला मुद्दा: क्या अनुच्छेद 31C अभी भी प्रभावी है? सुप्रीम कोर्ट ने 5 नवंबर 2024 को Property Owners Association बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में एक ऐतिहासिक फैसला […]
Continue Readingसर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद की संविधान संशोधन शक्ति की सीमाओं को स्पष्ट किया
His Holiness Kesavananda Bharati Sripadagalavaru v. State of Kerala, decided on April 24, 1973, by a 13-judge Constitution Bench इस ऐतिहासिक निर्णय में, सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संसद की संविधान संशोधन शक्ति की सीमाओं को स्पष्ट किया। यह मामला संविधान के 24वें, 25वें और 29वें संशोधन की वैधता को चुनौती […]
Continue Readingक्या सरकारी पद के दुरुपयोग के आरोपों से संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले प्राथमिक जांच (preliminary inquiry) अनिवार्य है।
PRADEEP NIRANKARNATH SHARMA बनाम STATE OF GUJARAT & ORS.SCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 32तारीख: 17 मार्च 2025न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति विक्रम नाथप्रकरण प्रकार: आपराधिक अपील /1313/2025निर्णय: अपील खारिजन्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 350 मुख्य बिंदु (हेडनोट) — दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 – धारा 154 –अपीलकर्ता ने Lalita Kumari v. Government of Uttar Pradesh & Ors. पर […]
Continue Readingदण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 — यह प्रश्न कि क्या उच्च न्यायालय द्वारा Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 सहपठित धारा 141 के अंतर्गत आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करने हेतु दायर याचिका को खारिज करना न्यायसंगत है
K.S. MEHTA बनाम M/S MORGAN SECURITIES AND CREDITS PVT. LTD. SCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 1तारीख: 04 मार्च 2025न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्माप्रकरण प्रकार: आपराधिक अपील सं. 1105/2025निर्णय: अपील स्वीकृतन्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 315 मुख्य बिंदु (हैडनोट) — निर्णय: विवाद एक Inter-Corporate Deposit (ICD) समझौते से उत्पन्न हुआ था जो आरोपी कंपनी और […]
Continue Readingसमन आदेश तथा शिकायत दोनों को रद्द किया गया
VISHNOO MITTAL बनाम M/S SHAKTI TRADING COMPANYSCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 41तारीख: 17 मार्च 2025न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति सुधांशु धूलियाप्रकरण प्रकार: आपराधिक अपील /1287/2025निर्णय: अपील स्वीकार की गईन्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 346 मुख्य बिंदु (हेडनोट) — दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 – धारा 482,परिचालित लिखत अधिनियम, 1881 – धारा 138,दीवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 – धारा […]
Continue Readingउत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 – ‘ग्राम प्रधान’ का चुनाव
VIJAY BAHADUR बनाम SUNIL KUMAR एवं अन्यSCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 11तारीख: 06 मार्च 2025न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय करोलप्रकरण प्रकार: सिविल अपील /14311/2024निर्णय: अपील स्वीकृतन्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 332 उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 – ‘ग्राम प्रधान’ का चुनाव –अपीलकर्ता की असंतुष्टि की जड़ उस विसंगति में थी जो पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान […]
Continue Readingसेवा कानून – पेंशन – पेंशन योजना – पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा विकल्प का निर्धारित अवधि में प्रयोग न करना – प्रभाव
BANK OF INDIA & ORS. बनाम MUTHYALA SAIBABA SURYANARAYANA MURTHY & ANR.SCR उद्धरण: [2025] 4 S.C.R. 120निर्णय दिनांक: 18 मार्च 2025न्यायाधीश: माननीय श्री न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ताप्रकरण प्रकार: सिविल अपील /3829/2025निर्णय: अपील स्वीकार की गईन्यूट्रल सिटेशन: 2025 INSC 373 मुख्य बिंदु (हेडनोट): बैंक ऑफ इंडिया (अपीलकर्ता संख्या 1) ने अपने पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों से Bank of […]
Continue Readingअनुच्छेद 226 के अंतर्गत FIR रद्द करने की असाधारण शक्ति: विधिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच”
KIM WANSOO vs. STATE OF UTTAR PRADESH & ORS. SCR Citation: [2025] 1 S.C.R. 1 भारतीय संविधान – अनुच्छेद 226 – दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 – धारा 482 – आपराधिक कार्यवाही को रद्द करना – अनुच्छेद 226 के तहत असाधारण शक्ति का प्रयोग – आरोपीगण (जिसमें अपीलकर्ता – एक विदेशी नागरिक एवं प्रोजेक्ट मैनेजर – […]
Continue Readingपावर ऑफ अटॉर्नी धारक प्रबंधक द्वारा दायर शिकायत: धारा 138 एन.आई. एक्ट के अंतर्गत संज्ञान की वैधता”
M/S NARESH POTTERIES vs. M/S AARTI INDUSTRIES AND ANOTHER SCR Citation: [2025] 1 S.C.R. 40 धारा 138 एन.आई. एक्ट के तहत प्रबंधक द्वारा दायर शिकायत की वैधता एवं उच्च न्यायालय के आदेश की समीक्षा संबंधित विधिक प्रावधान: – परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 – धारा 138 (चेक अनादरण), धारा 142 (शिकायत की प्रक्रिया) – दंड प्रक्रिया […]
Continue Reading