धारा 138 एन.आई. अधिनियम में व्यक्ति पर प्रबंधकीय दायित्व के आधार पर दायित्व आरोपण की कसौटी

मामला और संदर्भSiby Thomas v. M/s. Somany Ceramics Ltd., (2024) 1 SCC 348 उठाया गया मुख्य संवैधानिक/विधिक प्रश्नक्या शिकायत में पर्याप्त और विशिष्ट तथ्यात्मक आरोप न होने पर अभियुक्त पर धारा 138 के अंतर्गत धारा 141(1) के माध्यम से प्रत्यायोजित (vicarious) दायित्व आरोपित किया जा सकता है? बहुमत निर्णयन्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न की पीठ ने […]

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आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण: मानसिक तत्परता, समीपता और विधिक दोषसिद्धि की कसौटी

मामला और संदर्भMohit Singhal v. State of Uttarakhand, (2024) 1 SCC 417 उठाया गया मुख्य संवैधानिक/विधिक प्रश्नक्या अभियुक्तों के कृत्य भारतीय दंड संहिता की धारा 107 के अंतर्गत “दुष्प्रेरण” (instigation) की परिभाषा में आते हैं जिससे आत्महत्या हेतु प्रेरित करना सिद्ध होता है, और क्या धारा 306 के अंतर्गत दंडनीय अपराध बनता है? बहुमत निर्णयन्यायमूर्ति […]

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निर्णायक सीमाएं: मध्यस्थीय निर्णय में तथ्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं किया जा सकता

मामला और संदर्भReliance Infrastructure Ltd. v. State of Goa, (2024) 1 SCC 479 उठाया गया मुख्य संवैधानिक/विधिक प्रश्नक्या मध्यस्थता अधिनियम, 1996 की धारा 34 के अंतर्गत न्यायालय को तथ्यों के पुनः मूल्यांकन का अधिकार है या नहीं? और क्या “patent illegality” के आधार पर निर्णय को चुनौती दी जा सकती है जब वह भारतीय विधि […]

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एयर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट अहमदाबाद में क्रैश, अनेक यात्रियों की मौत

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 12 जून 2025 को दोपहर में एक बड़ा विमान हादसा हुआ जिसमें एयर इंडिया की फ्लाइट AI‑171 टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह फ्लाइट बोइंग 787‑8 ड्रीमलाइनर विमान द्वारा संचालित थी और लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रही थी। टेकऑफ के तुरंत बाद पायलट ने “मेडे” (Mayday) कॉल […]

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पुलिस को तलाश, पर गैंगस्टर दे रहे बेधड़क इंटरव्यू

गैंगस्टर गोल्डी बराड़, जो मशहूर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है, ने पहली बार खुलकर इस हत्या पर टिप्पणी करते हुए इसे एक ‘समझदारी भरा फैसला’ बताया है। हाल ही में जारी एक इंटरव्यू में, बराड़ ने हत्या की जिम्मेदारी स्वीकारते हुए कहा कि मूसेवाला ने “ऐसी गलतियाँ कीं […]

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राजा की हत्या में पत्नी सोनम रघुवंशी की संलिप्तता उजागर – साक्ष्यों के सामने टूटी, अपराध कबूल किया

मेघालय में हनीमून पर गए नवविवाहित दंपति की यात्रा एक दर्दनाक अपराध कथा में बदल गई जब राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस द्वारा प्रस्तुत पुख्ता डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर सोनम ने अपराध कबूल किया और पूछताछ के […]

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एकाधिक मृत्यु पूर्व कथनों में विरोधाभास के प्रभाव पर निर्णय: क्रूरता के आरोप से दोषमुक्ति

राजाराम बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्यगण(Criminal Appeal No. 2311 of 2022, निर्णय दिनांक: 16 दिसंबर 2022)[2022] 16 S.C.R. 99न्यायाधीश: एस. रविंद्र भाट और सुधांशु धूलिया प्रमुख संवैधानिक/कानूनी प्रश्न:क्या एकाधिक मृत्यु पूर्व कथनों (dying declarations) में विरोधाभास की स्थिति में मात्र एक कथन के आधार पर आरोपी की दोषसिद्धि न्यायोचित मानी जा सकती है, विशेषतः […]

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राज्यों द्वारा तंबाकू युक्त गुटखा पर विक्रय कर लगाने की वैधता और अनुच्छेद 145 की व्याख्या

मामले का नाम और वाद संख्या:M/s Trimurthi Fragrances (P) Ltd. Through Its Director Shri Pradeep Kumar Agrawal v. Government of N.C.T. of Delhi Through Its Principal Secretary (Finance) & Others, Civil Appeal No. 8486 of 2011, निर्णय दिनांक 19 सितंबर 2022([2022] 15 S.C.R. 516) प्रमुख संवैधानिक एवं विधिक प्रश्न: बहुमत निर्णय (इंदिरा बैनर्जी, सूर्यकांत, एम.एम. […]

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आर्थिक आधार पर आरक्षण की संवैधानिकता पर सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय

प्रकरण का नाम और संदर्भ:Janhit Abhiyan v. Union of India, [2022] 14 S.C.R. 1, Writ Petition (Civil) No. 55 of 2019, निर्णय दिनांक: 07 नवंबर 2022 उठाए गए प्रमुख संवैधानिक प्रश्न: बहुमत का निर्णय (न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला):सुप्रीम कोर्ट ने 3:2 के बहुमत से 103वां संविधान संशोधन वैध ठहराया। […]

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धारा 319 सीआरपीसी की व्याख्या और अभियुक्त की पुनः तलब करने की शक्ति का विधिक स्वरूप

मामला: Sukhpal Singh Khaira v. The State of Punjabन्यायालय: सुप्रीम कोर्टनिर्णय दिनांक: 05 दिसम्बर 2022विवरण: [2022] 10 S.C.R. 156 प्रमुख संवैधानिक एवं विधिक प्रश्न: इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की पाँच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने तीन महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर दिया: बहुमत निर्णय (न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना द्वारा): सुप्रीम कोर्ट ने धारा 319 CrPC की […]

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