गवाह की अनुपस्थिति में भ्रष्टाचार का प्रमाण: परिस्थितिजन्य साक्ष्य और विधिक अनुमान की संवैधानिक वैधता

मामला:Neeraj Dutta v. State (Govt. of NCT of Delhi)Criminal Appeal No. 1669 of 2009[2022] 5 S.C.R. 104 संविधानात्मक/विधिक मुद्दे:क्या जब शिकायतकर्ता की गवाही उपलब्ध नहीं है (मृत्यु, असहयोग, या अनुपलब्धता के कारण), तब भी केवल परिस्थितिजन्य (circumstantial) साक्ष्य या अन्य गवाहों के माध्यम से, लोक सेवक के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 एवं 13(1)(d) […]

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आधार अधिनियम को मनी बिल घोषित करने पर पुनर्विचार याचिकाओं का निर्णय

मामला एवं उद्धरण:Beghar Foundation Through Its Secretary and Anr. v. Justice K.S. Puttaswamy (Retd.) and Ors., [2021] 1 S.C.R. 681Review Petition (Civil) Diary No. 45777 of 2018 in Writ Petition (Civil) No. 494 of 2012निर्णय तिथि: 11 जनवरी 2021 मुख्य संवैधानिक/कानूनी प्रश्न:क्या आधार अधिनियम, 2016 को अनुच्छेद 110 के तहत ‘मनी बिल’ घोषित करने का […]

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धारा 138 एन.आई. एक्ट के अंतर्गत मामलों के शीघ्र निपटान की संवैधानिक समीक्षा

प्रकरण नाम व वाद संख्या:In Re: Expeditious Trial of Cases under Section 138 of N.I. Act, 1881[Suo Motu Writ Petition (Crl.) No. 2 of 2020, (2021) 4 SCC 257] प्रमुख संवैधानिक / विधिक प्रश्न:क्या धारा 138 के अंतर्गत अत्यधिक लंबित मामलों के कारण आपराधिक न्याय प्रणाली पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को दूर करने के […]

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अनुच्छेद 15(4), 16(4) में आरक्षण की सीमा और मराठा आरक्षण अधिनियम की संवैधानिकता का परीक्षण

मामला: Dr. Jaishri Laxmanrao Patil v. Chief Minister & Ors., Civil Appeal No. 3123 of 2020, [2021] 15 SCR 715 मुख्य संवैधानिक प्रश्न:क्या महाराष्ट्र राज्य द्वारा मराठा समुदाय को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) घोषित कर 50% की सीमा से अधिक आरक्षण प्रदान करना संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4) और 342A […]

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NEET पीजी मेडिकल कोर्स में निवास आधारित आरक्षण की संवैधानिक वैधता पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय

2025 INSC 125 Dr. Tanvi Behl v. Shrey Goel and Othersदिनांक: 29 जनवरी 2025 – न्यायालय का निर्णय मुख्य मुद्दा: क्या राज्य द्वारा निवास या डोमिसाइल आधारित आरक्षण पीजी मेडिकल कोर्स (MD/MS) में दिया जाना संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत वैध है? PG मेडिकल कोर्स में प्रवेश NEET (National Eligibility cum Entrance […]

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दिल्ली में शासन व्यवस्था पर निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के अधिकारों की संवैधानिक सीमाएं

[2018] 7 S.C.R. 1Government of NCT of Delhi v. Union of India & Another(Civil Appeal No. 2357 of 2017, Judgment dated 04 July 2018) मुख्य संवैधानिक प्रश्न:क्या राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को एक पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जा सकता है? उपराज्यपाल क्या निर्वाचित सरकार की सलाह और सहायता से बाध्य हैं या स्वतंत्र रूप […]

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न्यायिक निष्पक्षता और पुनर्विचार में न्यायाधीश की पुनः भागीदारी की वैधता पर संविधान पीठ का निर्णय

INDORE DEVELOPMENT AUTHORITY v. MANOHAR LAL & ORS. ETC.[2019] 15 SCR 1085 | Special Leave Petition (C) Nos. 9036–9038 of 2016इस वाद में प्रमुख मुद्दा यह था कि क्या कोई न्यायाधीश, जिसने पहले किसी छोटे पीठ में किसी विधिक प्रश्न पर निर्णय दिया हो, वह उस ही मामले में उस निर्णय की पुनर्समीक्षा हेतु गठित […]

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वक्फ संपत्ति विवाद में अत्यधिक विलंबित विशेष अनुमति याचिका की अस्वीकृति

Shia Central Board of Waqf, U.P. बनाम Sunni Central Board of Wakf यह मामला एक अत्यंत पुरानी वक्फ संपत्ति से संबंधित विवाद पर आधारित था, जिसमें Shia Central Board of Waqf, U.P. ने Faizabad सिविल न्यायालय के 30 मार्च 1946 के निर्णय के विरुद्ध वर्ष 2017 में विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition – SLP) […]

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राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद: विधिक उत्तरदायित्व और ऐतिहासिक न्याय

(M. Siddiq (Dead) through LRs बनाम महंत सुरेश दास व अन्य, 2019)[संविधान पीठ – न्यायमूर्ति रंजन गोगोई (CJI), न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे, न्यायमूर्ति डॉ. डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नज़ीर] इस वाद का केंद्रीय मुद्दा अयोध्या नगर में स्थित 1500 वर्ग गज भूमि के स्वामित्व को लेकर था, जिस पर हिंदू […]

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वित्त अधिनियम 2017 की मनी बिल वैधता और न्यायाधिकरणों की स्वतंत्रता पर सर्वोच्च न्यायालय का संवैधानिक परीक्षण

प्रमुख वाद:Rojer Mathew बनाम South Indian Bank Ltd. एवं अन्यनागरिक अपील संख्या: 8588 / 2019निर्णय तिथि: 13 नवम्बर 2019मुख्य संवैधानिक प्रश्न:इस वाद में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष यह मूल प्रश्न था कि क्या वित्त अधिनियम, 2017 (विशेषकर अध्याय XIV) को संविधान के अनुच्छेद 110 के अंतर्गत मनी बिल के रूप में वैधता प्राप्त है, विशेषतः […]

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