Author: legalnews
वसीयत की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला धारा 63(c) की स्पष्ट व्याख्या
उच्चतम न्यायालय ने Gopal Krishan and Others बनाम Daulat Ram and Others, [2025] 1 S.C.R. 93 के मामले में वसीयत की वैधता से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रश्न पर निर्णय सुनाते हुए भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925 की धारा 63(c) की विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की। इस मामले में वसीयतकर्ता एस आर जो एक भूस्वामी था और जिसकी […]
Continue Readingभूमि अधिग्रहण में देरी और प्रतिकर के अधिकार पर उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय
उच्चतम न्यायालय ने Bernard Francis Joseph Vaz and Others बनाम Government of Karnataka and Others, [2025] 1 S.C.R. 190 में भूमि अधिग्रहण और प्रतिकर में देरी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस मामले में अपीलकर्ताओं ने वर्ष 1995 से 1997 के बीच विभिन्न आवासीय भूखंड खरीदे थे जिनका दिनांक 29 जनवरी […]
Continue Readingघोषित अपराधी की स्थिति में स्वतंत्र अपराध की वैधता पर उच्चतम न्यायालय का स्पष्ट निर्णय
उच्चतम न्यायालय ने Daljit Singh बनाम State of Haryana & Another, [2025] 1 S.C.R. 117 के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 174A और दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 82 की व्याख्या करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस मामले में अपीलकर्ता को अदालत द्वारा समन भेजे जाने के बावजूद अनुपस्थित रहने पर धारा […]
Continue Readingएफआईआर में अपराध की प्रकृति का स्पष्ट उल्लेख आवश्यक अन्यथा निरस्तीकरण योग्य उच्चतम न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय
उच्चतम न्यायालय ने B.N. JOHN बनाम STATE OF U.P. & ANR., [2025] 1 S.C.R. 12 के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 195 और 155 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 353 और 186 का विस्तार से व्याख्या की गई है। अपीलकर्ता जो एक छात्रावास का मालिक था ने […]
Continue Readingएनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त वाहन की सुपुर्दगी पर उच्चतम न्यायालय का व्यावहारिक दृष्टिकोण
उच्चतम न्यायालय ने Bishwajit Dey बनाम The State of Assam, [2025] 1 S.C.R. 281 के मामले में नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम 1985 तथा दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धाराओं के समन्वित उपयोग पर महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस मामले में एक वाहन को जांच चौकी पर रोका गया और तलाशी के दौरान तिरपाल के […]
Continue Readingविश्व बैंक समूह ने निजी निवेश और रोजगार सृजन के लिए प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट लैब के नए चरण की शुरुआत
विश्व बैंक समूह ने 23 अप्रैल 2025 को अपनी “प्राइवेट सेक्टर इन्वेस्टमेंट लैब” के अगले चरण की शुरुआत की, जिसमें सदस्यता का विस्तार करते हुए नौकरियों के सृजन पर केंद्रित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य विकासशील देशों में निजी निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर सृजित करना है। विश्व बैंक के […]
Continue Readingइज़राइल की आपत्ति पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की अपीलीय पीठ का बड़ा फैसला प्री-ट्रायल चैंबर को पुनर्विचार का आदेश
24 अप्रैल 2025 को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की अपीलीय पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में प्री-ट्रायल चैंबर को निर्देश दिया कि वह इज़राइल द्वारा ICC के क्षेत्राधिकार को चुनौती देने वाले मामले पर पुनर्विचार करे। यह निर्णय नवंबर 2024 में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ जारी […]
Continue ReadingCIRP में अनुचित हस्तक्षेप पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी Insolvency and Bankruptcy Code की प्रक्रिया में उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप अनुचित
उच्चतम न्यायालय ने Mohammed Enterprises Tanzania Ltd. बनाम Farooq Ali Khan and Others, [2025] 1 S.C.R. 177 के मामले में Insolvency and Bankruptcy Code, 2016 की धारा 60(5)(c) की व्याख्या करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। इस प्रकरण में उच्च न्यायालय द्वारा कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया गया था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने […]
Continue Readingमुसलमान वक़्फ़ (निरसन) अधिनियम, 2025: एक ऐतिहासिक विधिक परिवर्तन
भारत सरकार ने 5 अप्रैल 2025 को “मुसलमान वक़्फ़ (निरसन) अधिनियम, 2025” को अधिसूचित किया, जिसके तहत 1923 के मुसलमान वक़्फ़ अधिनियम को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया। यह अधिनियम संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया और राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद लागू हुआ। मुख्य बिंदु: 1923 का मुसलमान […]
Continue Readingमालदीव में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के निलंबन पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने मालदीव के सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों को निलंबित किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टेयर मार्गरेट सैटरथवेट ने कहा कि इन निलंबनों और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट को नवंबर 2024 में घोषित एक संवैधानिक संशोधन की समीक्षा से रोकना हो सकता है। निलंबित […]
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